ड्राइविंग लाइसेंस क्या है और यह क्यों अनिवार्य है?
ड्राइविंग लाइसेंस यह प्रमाणित करता है कि धारक मोटर वाहन या वाहन चलने के लिए योग्य है। भारत में मोटर वाहन अधिनियम 1988(बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के उपबंधों के अधीन कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में मोटर वाहन नहीं चला सकता है जब तक कि उसके पास उसे जारी किया गया वैध लाइसेंस न हो, जो उसे एक विशेष श्रेणी में मोटर वाहन चलाने के लिए प्राधिकृत करता है।
भारत में दो प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं: लर्नर्स लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस। लर्नर्स लाइसेंस केवल छह माह के लिए वैध होता है। स्थायी लाइसेंस लर्नर्स लाइसेंस जारी करने के केवल एक माह के बाद ही लिया जा सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको क्या करने की आवश्यकता है?
स्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए लर्नर्स लाइसेंस अनिवार्य है। 50 सीसी क्षमता और बिना गेयर वाले वाहन के लिए निजी मोटर वाहन हेतु लर्नर्स लाइसेंस प्राप्त करने की पात्रता 16 वर्ष (यदि आवेदक के माता पिता या अभिभावक अपनी सहमति देते है) और निजी मोटर वाहन चलाने के लिए स्थायी लाइसेंस प्राप्त करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।
एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 20 वर्ष है और उसके पास लर्नर्स लाइसेंस है वह वाणिज्यिक वाहन चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उसे यातायात के नियमों और सभी मामलों में विनियमों से वाकिफ होना है।
लर्नर्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको अपने क्षेत्र में अपने पासपोर्ट आकार के फोटो और अपनी आयु और निवास का प्रमाण के साथ, मेडिकल फिटनेस की घोषणा और अपेक्षित शुल्क के साथ आवेदन करना होता है। आपके दस्तावेजों के सत्यापन करने के बाद आपको लर्नर्स परीक्षा देना होगा। साधारणत: यातायात नियमों संकेत और विनियम आवेदन पत्र के साथ दिया जाता है। लर्नर्स परीक्षण पास करने पर आपको लर्नर्स लाइसेंस जारी किया जाएगा। यदि आप परीक्षा में असफल होते है तो आपको दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा।
स्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपके पास वैध लर्नर्स लाइसेंस होना आवश्यक है। स्थायी लाइसेंस के लिए लर्नर्स लाइसेंस जारी होने के 30 दिनों के बाद और 180 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है। आपको वाहन के सिस्टम, ड्राइविंग, यातायात नियमों के बारे अच्छी जानकारी होनी चाहिए। आपसे ड्राइविंग परीक्षण कराया जाएगा जिसके लिए आपको अपने साथ वाहन लाना होता है। परीक्षण पास करने पर आपको स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस यह प्रमाणित करता है कि धारक मोटर वाहन या वाहन चलने के लिए योग्य है। भारत में मोटर वाहन अधिनियम 1988(बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के उपबंधों के अधीन कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में मोटर वाहन नहीं चला सकता है जब तक कि उसके पास उसे जारी किया गया वैध लाइसेंस न हो, जो उसे एक विशेष श्रेणी में मोटर वाहन चलाने के लिए प्राधिकृत करता है।
भारत में दो प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं: लर्नर्स लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस। लर्नर्स लाइसेंस केवल छह माह के लिए वैध होता है। स्थायी लाइसेंस लर्नर्स लाइसेंस जारी करने के केवल एक माह के बाद ही लिया जा सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको क्या करने की आवश्यकता है?
स्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए लर्नर्स लाइसेंस अनिवार्य है। 50 सीसी क्षमता और बिना गेयर वाले वाहन के लिए निजी मोटर वाहन हेतु लर्नर्स लाइसेंस प्राप्त करने की पात्रता 16 वर्ष (यदि आवेदक के माता पिता या अभिभावक अपनी सहमति देते है) और निजी मोटर वाहन चलाने के लिए स्थायी लाइसेंस प्राप्त करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।
एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 20 वर्ष है और उसके पास लर्नर्स लाइसेंस है वह वाणिज्यिक वाहन चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उसे यातायात के नियमों और सभी मामलों में विनियमों से वाकिफ होना है।
लर्नर्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको अपने क्षेत्र में अपने पासपोर्ट आकार के फोटो और अपनी आयु और निवास का प्रमाण के साथ, मेडिकल फिटनेस की घोषणा और अपेक्षित शुल्क के साथ आवेदन करना होता है। आपके दस्तावेजों के सत्यापन करने के बाद आपको लर्नर्स परीक्षा देना होगा। साधारणत: यातायात नियमों संकेत और विनियम आवेदन पत्र के साथ दिया जाता है। लर्नर्स परीक्षण पास करने पर आपको लर्नर्स लाइसेंस जारी किया जाएगा। यदि आप परीक्षा में असफल होते है तो आपको दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा।
स्थायी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपके पास वैध लर्नर्स लाइसेंस होना आवश्यक है। स्थायी लाइसेंस के लिए लर्नर्स लाइसेंस जारी होने के 30 दिनों के बाद और 180 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है। आपको वाहन के सिस्टम, ड्राइविंग, यातायात नियमों के बारे अच्छी जानकारी होनी चाहिए। आपसे ड्राइविंग परीक्षण कराया जाएगा जिसके लिए आपको अपने साथ वाहन लाना होता है। परीक्षण पास करने पर आपको स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
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